Haryana Budget 2026: नायब सिंह सैनी आज (2 मार्च) बतौर वित्त मंत्री दूसरी बार बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि यह बजट 2.15 लाख करोड़ रुपये तक का हो सकता है। सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे उनके बजट भाषण से शुरू होगी। इस बार सरकार का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर, महिला सशक्तिकरण, MSME सेक्टर, कृषि राहत और शहरी ट्रैफिक सुधार पर रहने के संकेत हैं।
लाडो लक्ष्मी योजना पर बड़ा ऐलान संभव
सरकार पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में विस्तार कर सकती है। 27 फरवरी को सदन में मुख्यमंत्री ने बताया था कि 10,51,029 महिलाओं ने एप के जरिए आवेदन किया है। 9 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 193 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और अब तक कुल 637 करोड़ रुपये वितरित हो चुके हैं।
फरवरी 2026 से पात्र महिलाओं को 1100 रुपये सीधे खाते में और 1000 रुपये एफडी के रूप में देने की व्यवस्था का ऐलान किया गया है। जरूरत पड़ने पर यह एफडी शिक्षा, व्यवसाय या बेटी के विवाह जैसे उद्देश्यों के लिए भुनाई जा सकेगी। योजना की खासियत यह है कि परिवार की सभी पात्र महिलाएं लाभ ले सकती हैं।
MSME, किसानों और रोजगार पर फोकस
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को राहत पैकेज मिलने की संभावना है। उद्योगों के लिए आसान ऋण, ब्याज सब्सिडी और प्रक्रियात्मक सरलीकरण जैसे कदमों की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन और बिजली सब्सिडी में छूट मिल सकती है।
ग्रुप-D के खाली पदों को भरने को लेकर भी घोषणा संभव है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
गुरुग्राम ट्रैफिक पर मेगा प्लान
गुरुग्राम में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को लेकर सरकार मेगा प्लान ला सकती है। सड़कों के चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर फोकस रहेगा। परिवहन विभाग में भी बढ़ोतरी संभव है, क्योंकि राज्य परिवहन बेड़े में नई बसें—खासकर इलेक्ट्रिक बसें—शामिल करने की तैयारी है।
विभागवार संभावित आवंटन
1) इन्फ्रास्ट्रक्चर
सरकार ने दस प्रमुख सेक्टरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को शीर्ष प्राथमिकता दी है। पिछले साल 4950.96 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। इस बार 25% बढ़ोतरी के साथ राशि 6500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। सड़कों के चौड़ीकरण और शहरी कनेक्टिविटी पर जोर रहेगा।
2) पावर
ऊर्जा विभाग में 25–30% वृद्धि की संभावना है। पिछले साल 6379.63 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। सब्सिडी और आपूर्ति सुधार पर फोकस रहेगा।
3) परिवहन
राज्य परिवहन बेड़े में 5000 बसें हैं, जिन्हें बढ़ाने की तैयारी है। हर जिले में इलेक्ट्रिक बसों की योजना से बजट में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। 2025 में 3388 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे।
4) कृषि
खेती-किसानी को 15% तक अतिरिक्त आवंटन मिल सकता है। पिछले साल 1254 करोड़ रुपये थे, जो बढ़कर करीब 1500 करोड़ रुपये हो सकते हैं।
5) शिक्षा
हरियाणा में शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च होता है। पिछले साल 22,296 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। इस बार 15% वृद्धि संभव है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकी शिक्षा और पीएम श्री स्कूलों पर जोर रहेगा।
6) स्वास्थ्य
पिछले साल 10,159 करोड़ रुपये का बजट था। 20% वृद्धि के साथ यह करीब 12,500 करोड़ रुपये हो सकता है। हर जिले में कैंसर केयर यूनिट और मेडिकल कॉलेज की तैयारी है।
7) पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास
पिछले साल 7313 करोड़ रुपये थे। पंचायत चुनावों को देखते हुए इसे 7500 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की संभावना है। ग्रामीण सड़कों और बुनियादी ढांचे पर जोर रहेगा।
8) शहरी एवं स्थानीय निकाय
पिछले साल 5666 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। निकाय चुनावों के मद्देनज़र 20% वृद्धि संभव है। गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए मेगा प्लान तैयार किया गया है।
9) होम डिपार्टमेंट
मुख्यमंत्री स्वयं इस विभाग को देख रहे हैं। पहले 8315 करोड़ रुपये आवंटित थे। एटीएस गठन के कारण अतिरिक्त 35 करोड़ रुपये वार्षिक बोझ बढ़ सकता है।
10) समाज कल्याण
पिछले बजट में 16,650 करोड़ रुपये रखे गए थे, जिनसे 30 लाख से अधिक लोगों को 13 श्रेणियों में पेंशन दी जाती है। इस बार 20% वृद्धि की संभावना है।
क्या कहता है बजट का संकेत?
कुल मिलाकर यह बजट महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण-शहरी संतुलन, शिक्षा-स्वास्थ्य निवेश और उद्योग प्रोत्साहन के संतुलित पैकेज के रूप में सामने आ सकता है। 2.15 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित आकार के साथ सरकार विकास और कल्याण के बीच संतुलन साधने की कोशिश करती दिख रही है। अब सबकी नजर दोपहर 12 बजे होने वाले बजट भाषण पर है, जहां अंतिम घोषणाओं से तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
