Haryana Budget 2026: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों को लेकर ठोस कदम उठाने की घोषणा की। इन पहलों को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सात नए महिला थाने स्थापित होंगे
महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सात शहरों—लोहारू, बरवाला, नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पिहोवा—में नए महिला थाने खोले जाएंगे। इन थानों के शुरू होने से महिलाओं से संबंधित अपराधों की रिपोर्टिंग और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी।
महिला थानों का उद्देश्य यह है कि पीड़ित महिलाएं बिना किसी संकोच के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अन्य महिला संबंधी अपराधों के मामलों में बेहतर सुनवाई संभव हो सकेगी।
साइबर अपराध पर सख्ती: तीन नए साइबर क्राइम थाने
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सरकार ने तीन नए साइबर क्राइम थाने खोलने का निर्णय लिया है। ये थाने सोनीपत, गोहाना और बहादुरगढ़ में स्थापित किए जाएंगे।
ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल ब्लैकमेल जैसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। नए साइबर थानों के माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इन अपराधों की जांच की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
इन थानों में अत्याधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया जाएगा, ताकि शिकायतों का शीघ्र निस्तारण हो सके और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
🚨 एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (ATS) का गठन
प्रदेश में आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित खतरों से निपटने के लिए सरकार ने एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (ATS) के गठन की घोषणा की है। इसके लिए बजट में 35 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
एटीएस विशेष रूप से संवेदनशील मामलों, खुफिया सूचनाओं और अंतरराज्यीय अपराधों पर कार्रवाई करेगा। इस विशेष बल में महिला कमांडो को भी शामिल करने का प्रस्ताव है, जो सुरक्षा तंत्र में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
विशेष प्रशिक्षण, आधुनिक हथियार और तकनीकी संसाधनों से लैस यह बल राज्य की आंतरिक सुरक्षा को नई मजबूती देगा।
